Pension Scheme 2026: असंगठित क्षेत्र के कामगारों को वृद्धावस्था में आर्थिक सुरक्षा देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन (PM-SYM) योजना चला रही है। यह योजना 15 फरवरी 2019 से लागू है और इसे स्वैच्छिक व अंशदायी पेंशन योजना के रूप में संचालित किया जाता है। श्रमिक जितना मासिक अंशदान जमा करता है, उतनी ही राशि केंद्र सरकार भी उसके खाते में योगदान करती है, जिससे 60 वर्ष की आयु के बाद निश्चित पेंशन सुनिश्चित हो सके।
कौन उठा सकता है लाभ
इस योजना का लाभ असंगठित क्षेत्र से जुड़े श्रमिकों को मिलता है। इसमें रेहड़ी-पटरी विक्रेता, रिक्शा चालक, निर्माण मजदूर, घरेलू कामगार, मोची, धोबी, खेतिहर मजदूर, ईंट-भट्ठा श्रमिक और अन्य दैनिक वेतनभोगी कामगार शामिल हैं।
आवेदन के समय आवेदक की आयु 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए। उसकी मासिक आय 15,000 रुपये या उससे कम होनी चाहिए। साथ ही आवेदक आयकर दाता नहीं होना चाहिए और वह Employees’ Provident Fund Organisation (EPFO), Employees’ State Insurance Corporation (ESIC) या National Pension System (NPS) जैसी किसी अन्य सरकारी सामाजिक सुरक्षा योजना का सदस्य नहीं होना चाहिए।
Pension Scheme 2026 क्या मिलेंगे लाभ
योजना के तहत 60 वर्ष की आयु पूरी होने पर लाभार्थी को हर महीने 3,000 रुपये की गारंटीड पेंशन दी जाती है। यदि पेंशन प्राप्त करने के दौरान लाभार्थी की मृत्यु हो जाती है, तो उसके जीवनसाथी को 50 प्रतिशत यानी 1,500 रुपये प्रतिमाह पारिवारिक पेंशन दी जाएगी।
यह योजना असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को बुढ़ापे में नियमित आय का भरोसा देती है।
कितना करना होगा अंशदान
योजना में प्रवेश आयु के अनुसार 55 रुपये से 200 रुपये तक मासिक अंशदान तय किया गया है। सरकार भी बराबर की राशि जमा करती है। उदाहरण के तौर पर:
- 18 वर्ष की आयु में – 55 रुपये प्रतिमाह
- 25 वर्ष में – 80 रुपये प्रतिमाह
- 30 वर्ष में – 105 रुपये प्रतिमाह
- 40 वर्ष में – 200 रुपये प्रतिमाह
जितनी कम उम्र में योजना से जुड़ेंगे, उतना कम मासिक अंशदान देना होगा।
Pension Scheme 2026 नामांकन के लिए जरूरी दस्तावेज
योजना में पंजीकरण के लिए आधार कार्ड, बैंक बचत खाता या जन-धन खाता (आईएफएससी कोड सहित) और मोबाइल नंबर आवश्यक है। नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर भी नामांकन कराया जा सकता है।
प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए बुढ़ापे में आर्थिक सुरक्षा का मजबूत सहारा है। कम मासिक अंशदान के बदले 60 वर्ष के बाद सुनिश्चित पेंशन मिलना इस योजना को बेहद उपयोगी बनाता है। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने सभी पात्र श्रमिकों से अपील की है कि वे इस योजना से जुड़कर अपने भविष्य को सुरक्षित बनाएं।
